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मस्जिद परिसर में खुदाई के दौरान कुआं मिला, राजस्व विभाग करेगा भूमि की पैमाइश

बिजनौर। गांव बनखला स्थित मस्जिद परिसर में बुधवार रात खुदाई के दौरान एक कुआं पूरी तरह सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। खुदाई के दौरान कुएं की संरचना स्पष्ट नजर आने पर पुलिस ने इसकी जानकारी राजस्व विभाग को दी। अब राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि की पैमाइश करेगी। इसके बाद जमीन और कुएं की स्थिति स्पष्ट होने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मामला उस समय सामने आया जब गांव बनखला स्थित मस्जिद परिसर में बुधवार रात खुदाई का काम चल रहा था। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर मौजूद एक पुराने कुएं की संरचना दिखाई देने लगी। धीरे-धीरे खुदाई बढ़ने पर कुआं पूरी तरह नजर आने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मामले की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को दी।
पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करना प्राथमिकता है कि जिस स्थान पर कुआं मिला है, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है और संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में किस प्रकार दर्ज है। इसी के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश करेगी। पैमाइश के दौरान जमीन की सीमा, अभिलेख और मौके की स्थिति का मिलान किया जाएगा।
इस पूरे मामले की शुरुआत ग्रामीणों की शिकायत से हुई थी। गांव रसूलपुर जागन उर्फ लक्खूवाला के ग्रामीणों और हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव बनखला में स्थित मस्जिद परिसर में एक कुएं के ऊपर शौचालय और स्नानघर का निर्माण कराया गया है।
शिकायतकर्ताओं का दावा था कि परिसर में मौजूद कुएं को निर्माण के जरिए ढक दिया गया है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग करते हुए अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने और भूमि तथा निर्माण की स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
जांच के क्रम में बुधवार रात मस्जिद परिसर में खुदाई कराई गई। इसी दौरान कुएं की संरचना सामने आने के बाद मामला और महत्वपूर्ण हो गया। अब राजस्व विभाग की पैमाइश से यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि कुआं किस भूमि पर स्थित है, उसका स्वरूप क्या है और वर्तमान निर्माण किस हिस्से में किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार केवल कुआं मिलने से किसी तरह का अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पहले भूमि संबंधी दस्तावेजों और मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन जरूरी है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। राजस्व टीम जमीन के अभिलेख, नक्शा और मौके पर मौजूद निर्माण का परीक्षण कर सकती है।
पुलिस की ओर से भी मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को नियमानुसार देखा जाएगा और जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कुएं के ऊपर शौचालय और स्नानघर का निर्माण किया गया है। अब कुआं सामने आने के बाद यह जांच का विषय होगा कि निर्माण वास्तव में किस स्थान और किस आधार पर कराया गया था। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि संबंधित भूमि की स्वामित्व और उपयोग की स्थिति क्या है।
राजस्व विभाग द्वारा की जाने वाली पैमाइश इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि मौके की स्थिति और राजस्व अभिलेखों में अंतर पाया जाता है तो उसके आधार पर संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। वहीं यदि भूमि और निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं तो उसी आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
गांव में कुआं मिलने की खबर फैलने के बाद लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों की निगाह अब राजस्व विभाग की जांच पर टिकी है। कई लोगों का कहना है कि पैमाइश और दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा मौके की स्थिति का दस्तावेजीकरण भी किया जा सकता है। कुएं की तस्वीरें, खुदाई का स्थान और आसपास मौजूद निर्माण को रिकॉर्ड में शामिल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं।
प्रशासन के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती मामले को तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर देखना है। चूंकि शिकायत में धार्मिक परिसर से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है, इसलिए अधिकारी किसी भी तरह की अफवाह या अनावश्यक तनाव से बचने के लिए जांच प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं।
ग्रामीणों और हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायत में जांच की मांग की थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू हुई और अब राजस्व विभाग को भूमि की पैमाइश करनी है। इससे शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े कई सवालों का जवाब मिल सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, कुएं की वास्तविक स्थिति, भूमि का रिकॉर्ड और परिसर में हुए निर्माण का आपसी संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि निर्माण से संबंधित किसी नियम का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। वहीं यदि कोई अनियमितता नहीं मिलती है तो उस स्थिति को भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
बुधवार रात खुदाई के दौरान कुआं पूरी तरह दिखाई देने के बाद अब मामले का केंद्र भूमि की पैमाइश और राजस्व रिकॉर्ड की जांच बन गया है। पुलिस ने इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी है और टीम के मौके पर पहुंचने की तैयारी है।
फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष या कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। राजस्व विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुआं किस भूमि पर स्थित है, उस पर किस प्रकार का निर्माण हुआ और क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ है। इसके बाद ही संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गांव बनखला में मस्जिद परिसर से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक और राजस्व जांच के चरण में पहुंच गया है। शिकायत के बाद पुलिस जांच शुरू हुई और खुदाई में कुआं सामने आने के बाद राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अब पैमाइश और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।





